{"product_id":"नरसिंह-कुटीर-narsingh-kuteer","title":"नरसिंह कुटीर (Narsingh Kuteer)","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAbout The Book\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपचमढ़ी की धुंधली वादियों और देवदार के विशाल पेड़ों के बीच खड़ा 'नरसिंह कुटीर' केवल पुरानी याद नहीं, बल्कि औपनिवेशिक राजनीति, रियासती कूटनीति और दबे हुए राज़ों का मौन साक्षी है। यह एक ऐसा पावन चबूतरा है जहाँ इतिहास और प्रेम की धाराएँ आकर एक निशब्द और सुंदर संगम रचती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eपचमढ़ी की वह धुंध जो यात्री का हाथ थामकर दो पल बतियाने का आग्रह करती है, यहाँ आकर जीवन के हर अक्खड़पन को एक धीमे, मर्यादित ठहराव में बदल देती है। यहाँ देवदार की भीनी खुशबू और बारिश के बाद की गीली मिट्टी की सोंधी महक में साँस लेती हुई कूटनीति भी अपनी आक्रामकता छोड़कर बेहद शालीन और सुसंस्कृत हो जाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eजीवन के झंझावातों से बचकर अतीत की छाँव में सुकून तलाशने भानवेंद्र जब इस शांत हिल स्टेशन पर पहुँचता है, तो उसका सामना उन चरित्रों से होता है जो समय के थपेड़ों से बेअसर, अपने अधूरे सच और अनकहे अपराधबोध को सँभाले खड़े हैं। सतपुड़ा की सुकून भरी छाँव में खड़े भानवेंद्र और पचमढ़ी को अपना घर मान चुकी लेडी एन का यह साथ शब्दों की सीमा पार कर एक ऐसी यात्रा बन जाता है, जो अतीत से वर्तमान तक आकर कई मौन सत्यों को आवाज़ दे जाता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eक्या दशकों पुरानी खामोशी के पार जाकर अतीत के उस अनकहे अपराध का न्याय संभव है जिसे इतिहास ने बहुत पहले ही दफ़न मान लिया था?\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइतिहास के पन्नों में अपने सुने जाने की बाट जोहती एक ऐसी कहानी, जो सच तो हमेशा से थी, बस अभी तक पन्नों की ओट में छिपी थी।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAbout The Author\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअनिमेष अनंत स्वतंत्र लेखक और उपन्यासकार हैं। मानवीय मनोविज्ञान की परतों को खोलना, रहस्यों को बुनना और जटिल कथा-संरचना तैयार करना उनकी लेखनी की मुख्य विशेषता है। ‘नरसिंह कुटीर’ से पूर्व उनकी पाँच खंडीय औपन्यासिक कृति 'वज़ीर', और 'संदेश: उपन्यास एवं कहानी संग्रह' प्रकाशित हो चुकी है।\u003c\/p\u003e","brand":"Classic Shelf","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50733929857261,"sku":null,"price":229.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0765\/3520\/2029\/files\/ClassicshelfCover.jpg?v=1790151007","url":"https:\/\/classicshelf.in\/products\/%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a4%b8%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%b9-%e0%a4%95%e0%a5%81%e0%a4%9f%e0%a5%80%e0%a4%b0-narsingh-kuteer","provider":"Classic Shelf","version":"1.0","type":"link"}