{"product_id":"मृत्यु-और-मैं-जीवन-प्रेम-और-अनकहे-शब्दों-का-एक-सफर-mrityu-aur-main-jivan-prem-aur-ankahe-shabdon-ka-ek-safar","title":"मृत्यु और मैं- जीवन, प्रेम और अनकहे शब्दों का एक सफर (Mrityu aur Main- Jivan, Prem aur Ankahe Shabdon ka ek Safar)","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAbout The Book\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकुछ बातें हम कह नहीं पाते, कुछ रिश्ते अधूरे रह जाते हैं और कुछ सवाल उम्र भर हमारे भीतर चलते रहते हैं। ‘मृत्यु और मैं’ इन्हीं अनकहे शब्दों, अधूरे अनुभवों और जीवन से जुड़े गहरे प्रश्नों की एक आत्मीय यात्रा है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eगंगा दक्षिणी की यह पुस्तक प्रेम, अकेलेपन, बिछोह, धर्म, सामाजिक मान्यताओं और मृत्यु के विचारों के माध्यम से मनुष्य के भीतर झाँकती है। कहीं यह वर्तमान को जीने की बात करती है, कहीं बिछड़ चुके लोगों की स्मृतियों को टटोलती है, तो कहीं दूसरों को सँवारते हुए स्वयं को खो देने पर सवाल उठाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसरल भाषा और काव्यात्मक संवेदना में रचे ये आत्मचिंतन किसी अंतिम सत्य का दावा नहीं करते। ये पाठक को अपने अनुभवों, विश्वासों और रिश्तों पर ठहरकर विचार करने की जगह देते हैं। मृत्यु की चर्चा के बीच बार-बार जीवन सामने आता है—किसी से प्रेम जताने, क्षमा माँगने और मन की बात समय रहते कह देने की संभावना के साथ।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह पुस्तक उन सभी के लिए है, जिन्होंने कभी किसी अपने को खोया है, किसी अधूरी कहानी को भीतर सँजोया है या जीवन की भागदौड़ में स्वयं से बात करना छोड़ दिया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eशायद इन पन्नों में आपको अपने ही मन की कोई अनकही बात मिल जाए।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAbout The Author\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eगंगा दक्षिणी, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) के एक उद्यमी हैं, जिनका मूल रुझान दर्शन, कविता और यात्राओं में है। मोटरबाइक पर तय की गई अपनी लंबी सोलो यात्राओं और ज़मीनी अनुभवों से उपजी यह पुस्तक उनकी पहली दार्शनिक कृति है।\u003c\/p\u003e","brand":"Classic Shelf","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50700235145453,"sku":null,"price":211.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0765\/3520\/2029\/files\/1shopifyfrontcover_e94583a9-9072-4026-a0b5-387fede6c3f2.jpg?v=1789645525","url":"https:\/\/classicshelf.in\/products\/%e0%a4%ae%e0%a5%83%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%81-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%ae%e0%a5%88%e0%a4%82-%e0%a4%9c%e0%a5%80%e0%a4%b5%e0%a4%a8-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%ae-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%85%e0%a4%a8%e0%a4%95%e0%a4%b9%e0%a5%87-%e0%a4%b6%e0%a4%ac%e0%a5%8d%e0%a4%a6%e0%a5%8b%e0%a4%82-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%8f%e0%a4%95-%e0%a4%b8%e0%a4%ab%e0%a4%b0-mrityu-aur-main-jivan-prem-aur-ankahe-shabdon-ka-ek-safar","provider":"Classic Shelf","version":"1.0","type":"link"}