{"product_id":"वज़ीर-चक्रव्यूह-wazir-chakravyuh","title":"वज़ीर: चक्रव्यूह (Wazir: Chakravyuh)","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eकिताब के बारे में\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eचक्रव्यूह कभी अचानक नहीं बनता। वह एक निर्णय से शुरू होता है, जिसके साथ जुड़ती है एक महत्वाकांक्षा, फिर उससे आ मिलता है एक स्वार्थ, जो अपने साथ खींच लाता है एक गहरा भय, और उसमें आ घुलता है एक प्रतिशोध... अंत में जन्म लेता है एक ऐसा सच, जिसे हर व्यक्ति अपने-अपने ढंग से देखता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eधीरे-धीरे, ये सभी घेरे एक-दूसरे में समाने लगते हैं और बाहर निकलने का हर रास्ता बंद होते जाता है। जो लोग अभी तक एक-दूसरे से अपरिचित थे, वे अनजाने में एक ही संघर्ष का हिस्सा बन जाते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकहते हैं कि चक्रव्यूह में प्रवेश करना आसान होता है, बाहर निकलना नहीं; पर जीवन के चक्रव्यूह और भी भयावह हैं—इनमें कोई द्वार नहीं होता। ये रचे नहीं जाते, बल्कि इच्छाओं, विश्वास, छल और अतीत में लिए गए फैसलों से स्वयं आकार लेते हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eएक दिन उसके भीतर खड़े लोग पाते हैं कि वे जिस संघर्ष को अपना व्यक्तिगत युद्ध समझ रहे थे, वह तो बहुत पहले किसी और की बिसात पर चली गई एक चाल भर था। और तब उन्हें समझ आता है... कि वे खुद को खिलाड़ी समझते रहे, जबकि चक्रव्यूह उन्हें बहुत पहले अपना हिस्सा बना चुका था।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eलेखक के बारे में\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअनिमेष अनंत स्वतंत्र लेखक और उपन्यासकार हैं। मानवीय मनोविज्ञान की परतों को खोलना, रहस्यों को बुनना और जटिल कथा-संरचना तैयार करना उनकी लेखनी की मुख्य विशेषता है। 'वज़ीर: मोहरा' से पूर्व उनकी बहुप्रशंसित कृति 'संदेश: उपन्यास एवं कहानी संग्रह' प्रकाशित हो चुकी है।\u003c\/p\u003e","brand":"Classic Shelf","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50322079842541,"sku":null,"price":296.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0765\/3520\/2029\/files\/1shopifyfrontcover_4d28f329-42ec-431b-95f1-0c530ff354f9.jpg?v=1784805172","url":"https:\/\/classicshelf.in\/products\/%e0%a4%b5%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a4%95%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%b5%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a5%82%e0%a4%b9-wazir-chakravyuh","provider":"Classic Shelf","version":"1.0","type":"link"}