{"product_id":"वज़ीर-बिसात-wazir-bisaat","title":"वज़ीर: बिसात (Wazir: Bisaat)","description":"\u003cdiv\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eकिताब के बारे में\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eहर दौर अपनी सत्ताएँ गढ़ता है, हर सत्ता अपने भय, और हर भय एक ऐसी आत्मा की तलाश करता है जो झुकने से इनकार कर दे। ऐसी सत्ताएँ केवल शासन नहीं करतीं, बल्कि यादों, रिश्तों, भरोसे और आत्मसम्मान तक पर अपना अधिकार चाहती हैं। यहाँ डर सबसे असरदार भाषा है, और मौन सबसे सुरक्षित विकल्प।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eकुछ लोग इस जीवन को एक आखेट मानते हैं — जहाँ दूसरे केवल शिकार हैं और ताकत ही अंतिम सत्य। वहीं, कुछ बिरले लोग उसी दुनिया को एक बिसात की तरह देखते हैं — जहाँ चालें केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि आत्मा को बचाए रखने के लिए चली जाती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमोहरे लड़ते, हारते, जीतते और मारे जाते हैं, लेकिन बिसात नहीं - बिसात हमेशा ज़िंदा रहती. है।\u003cbr\u003eगोविंदघाट अब एक ऐसी ही बिसात को गढ़ रहा है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअलंकृता का संघर्ष किसी दुश्मन से भी कहीं अधिक उस सोच से है जो मनुष्य को उसकी मजबूरियों से परिभाषित करती है; जो यह मानती है कि हर सच खरीदा जा सकता है, हर निष्ठा तोड़ी जा सकती है और हर आत्मा को अंततः झुकाया जा सकता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eहर बिसात पर कई मोहरे होते हैं — पर इतिहास हमेशा उस मोहरे को याद रखता है जो खेल के नियम बदल दे।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eऔर अब वो मोहरा बिसात पर आ चुका था...\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eलेखक के बारे में\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eअनिमेष अनंत स्वतंत्र लेखक और उपन्यासकार हैं। मानवीय मनोविज्ञान की परतों को खोलना, रहस्यों को बुनना और जटिल कथा-संरचना तैयार करना उनकी लेखनी की मुख्य विशेषता है। 'वज़ीर: मोहरा' से पूर्व उनकी बहुप्रशंसित कृति 'संदेश: उपन्यास एवं कहानी संग्रह' प्रकाशित हो चुकी है।\u003c\/p\u003e\n\u003c\/div\u003e\n\u003cp\u003e\u003c!--EndFragment --\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003c!--EndFragment --\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003c!--EndFragment --\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003c!--EndFragment --\u003e\u003c\/p\u003e","brand":"Classic Shelf","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50282797596909,"sku":null,"price":339.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0765\/3520\/2029\/files\/1shopifyfrontcover_43bedc76-3b91-4beb-a59f-48d2cebc1035.jpg?v=1784025220","url":"https:\/\/classicshelf.in\/products\/%e0%a4%b5%e0%a4%9c%e0%a4%bc%e0%a5%80%e0%a4%b0-%e0%a4%ac%e0%a4%bf%e0%a4%b8%e0%a4%be%e0%a4%a4-wazir-bisaat","provider":"Classic Shelf","version":"1.0","type":"link"}