{"product_id":"सत्तर-कदम-प्रेरणादायक-हिंदी-कविता-और-शायरी-sattar-kadam-prernadayak-hindi-kavita-aur-shayari","title":"सत्तर कदम - प्रेरणादायक हिंदी कविता और शायरी (Sattar Kadam - Prernadayak Hindi Kavita aur Shayari)","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAbout The Book\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e“सत्तर कदम” स्वरचित कविताओं की श्रृंखला की तीसरी प्रस्तुति है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eइस संग्रह की प्रत्येक कविता आत्म-उन्नति, प्रेम, साहस, परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति हमारी जिम्मेदारियों का सार प्रस्तुत करती है। समझदारी के साथ आगे बढ़ने, गिरकर फिर उठ खड़े होने, गलत आदतों से दूर रहने और सही सोच के साथ जीवन जीने की दिशा में मेरी हर कविता एक नया कदम है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eमेरी पूर्व रचनाएँ ‘नज़रिया’ और ‘छप्पन वारिस’ को आप सभी का अपार स्नेह और प्रोत्साहन मिला, जिसने मुझे यह नई पुस्तक लिखने के लिए प्रेरित किया। आशा है आप सभी अपना बहुमूल्य विश्लेषण और मार्गदर्शन निरंतर देते रहेंगे तथा मुझे आगे भी इसी तरह प्रेरित करते रहेंगे।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAbout The Author\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eभगवती प्रसाद पंत, उत्तराखण्ड (हल्द्वानी) के मूल निवासी हैं । यह तकनीकी विशेषज्ञ हैं और हृदय से एक रचनाकार हैं। आपकी काव्य रचनाएँ ‘नज़रिया’ और ‘छप्पन वारिस’ ई- कॉमर्स साइट्स (Amazon, Flipkart) में प्रकाशित हैं। आपकी रचनाएँ ‘सुनहरी सहर’, ‘The Power Of Being Yourself’, ‘प्रेरणादायक कविताएँ’ काव्य संग्रह में भी प्रकाशित हैं। आपकी रचनाएँ ऑनलाइन Insta (pant.bhagwati), यू ट्यूब (@Write_bp), प्रतिलिपि और अन्य पर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं।\u003c\/p\u003e","brand":"Classic Shelf","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50686581244141,"sku":null,"price":255.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0765\/3520\/2029\/files\/1shopifyfrontcover_64122af2-9df4-4089-9ac1-522a9af3173a.jpg?v=1789458907","url":"https:\/\/classicshelf.in\/products\/%e0%a4%b8%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a4%b0-%e0%a4%95%e0%a4%a6%e0%a4%ae-%e0%a4%aa%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%87%e0%a4%b0%e0%a4%a3%e0%a4%be%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%95-%e0%a4%b9%e0%a4%bf%e0%a4%82%e0%a4%a6%e0%a5%80-%e0%a4%95%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%b6%e0%a4%be%e0%a4%af%e0%a4%b0%e0%a5%80-sattar-kadam-prernadayak-hindi-kavita-aur-shayari","provider":"Classic Shelf","version":"1.0","type":"link"}