{"product_id":"सनातन-सभ्यता-का-संकट-विखंडन-के-कारण-और-पुनर्जागरण-का-मार्ग","title":"सनातन सभ्यता का संकट: विखंडन के कारण और पुनर्जागरण का मार्ग","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eकिताब के बारे में\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eसनातन सभ्यता का संकट केवल किसी धर्म, सम्प्रदाय या परम्परा की चिंता नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक आत्मा, सामाजिक एकता और भविष्य से जुड़ा गंभीर प्रश्न है। यह पुस्तक उन ऐतिहासिक, वैचारिक, राजनीतिक, शैक्षिक और सामाजिक कारणों का विश्लेषण करती है, जिनसे सनातन समाज धीरे धीरे अपनी जड़ों, जीवन मूल्यों और सामूहिक चेतना से दूर होता गया। जातिगत विभाजन, पंथगत आग्रह, सांस्कृतिक हीनभावना, परिवार संस्था का क्षरण, शिक्षा का विच्छेदन, धर्मांतरण, उपभोक्तावाद और संगठित नेतृत्व की कमी जैसे विषयों को इसमें निर्भीक दृष्टि से समझाया गया है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह ग्रन्थ केवल संकट का वर्णन नहीं करता, बल्कि पुनर्जागरण का व्यवहारिक मार्ग भी प्रस्तुत करता है। परिवार, मन्दिर, आश्रम, गुरुपरम्परा, संस्कार, स्वाध्याय, सेवा, आर्थिक स्वावलम्बन और सामाजिक समरसता को पुनर्निर्माण के प्रमुख आधार के रूप में रखा गया है। लेखक का आग्रह है कि सनातन चेतना का संरक्षण केवल नारों, उत्सवों या प्रतिक्रियाओं से सम्भव नहीं होगा। इसके लिए ज्ञान, अनुशासन, संगठन, साधना और उत्तरदायित्वपूर्ण आचरण आवश्यक है। यह पुस्तक प्रत्येक उस पाठक के लिए है जो भारत की सभ्यतागत अस्मिता को समझना और उसके पुनरुत्थान में सक्रिय भूमिका निभाना चाहता है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eलेखक के बारे में\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eडॉ. सुमन कुमार दास, आध्यात्मिक नाम स्वामी सुमनानन्द नाथ, प्रख्यात लेखक, दार्शनिक, भाषाविद्, उद्यमी और कौलाचार्य हैं। जेएनयू से दर्शनशास्त्र तथा रूसी भाषा का अध्ययन करने के बाद उन्होंने मॉस्को से भाषाविज्ञान में पीएचडी प्राप्त की। वे खजुराहो स्थित ललिता दिव्याश्रम के संस्थापक एवं पीठाधीश्वर हैं। अध्यात्म, तन्त्र, भारतीय संस्कृति, स्वास्थ्य, पर्यावरण, कृषि और जीवन प्रबन्धन पर उन्होंने सत्तर से अधिक पुस्तकें लिखी हैं। उनके द्वारा विकसित इकतालीस दिवसीय मन्त्रयोग साधना ने देश विदेश के असंख्य साधकों को आत्मानुशासन, साधना और आन्तरिक रूपान्तरण की नई सार्थक दिशा प्रदान की है।\u003c\/p\u003e","brand":"Classic Shelf","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":50497913159917,"sku":null,"price":425.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0765\/3520\/2029\/files\/1shopifyfrontcover_fae01fd6-5f81-48fe-9b97-93d284619940.jpg?v=1786952449","url":"https:\/\/classicshelf.in\/products\/%e0%a4%b8%e0%a4%a8%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a4%a8-%e0%a4%b8%e0%a4%ad%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%a4%e0%a4%be-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%b8%e0%a4%82%e0%a4%95%e0%a4%9f-%e0%a4%b5%e0%a4%bf%e0%a4%96%e0%a4%82%e0%a4%a1%e0%a4%a8-%e0%a4%95%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%94%e0%a4%b0-%e0%a4%aa%e0%a5%81%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%9c%e0%a4%be%e0%a4%97%e0%a4%b0%e0%a4%a3-%e0%a4%95%e0%a4%be-%e0%a4%ae%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%8d%e0%a4%97","provider":"Classic Shelf","version":"1.0","type":"link"}