{"product_id":"deodar-ke-phool","title":"Deodar Ke Phool (Paperback)","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eकिताब के बारे में\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eक्या आप भी अक्सर उन चीज़ों की तलाश में होते हैं जिनका अस्तित्व है ही नहीं और ज़िंदगी इसी कशमकश में गुज़ार देते हैं कि वो होता तो कैसा होता?\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह कविता संग्रह मन के उन्हीं कोमल कोनों तक पहुँचता है, जहाँ पुरानी यादें साँस लेती हैं, रिश्ते ख़ामोशी से बदलते हैं और आत्ममंथन के बीच सुकून की तलाश जारी रहती है। ये कविताएँ खोने में भी ख़ुशी ढूँढ़ने, टूटकर फिर उठने और अकेलेपन में भी स्वयं में संपूर्ण होने का हौसला देती हैं।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह संग्रह उन एहसासों के नाम है, जो कहे नहीं गए, उन रिश्तों के नाम हैं, जो पीछे छूट गए, और उस उम्मीद के नाम है, जो हर बार हमें फिर से जीना सिखाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cbr\u003eतक़दीर की बेसब्र रफ़्तार से\u003cbr\u003eज़िंदगी की हारी हुई चाल से\u003cbr\u003eलड़खड़ाते क़दमों को सँभालते\u003cbr\u003eहाँ, वो पापा ही थे।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e \u003c\/p\u003e","brand":"Classic Shelf","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":68115723387117,"sku":null,"price":187.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0765\/3520\/2029\/files\/1shopifyfrontcover_52cc30d2-6b06-4ce3-8d30-4d4814534352.jpg?v=1793360217","url":"https:\/\/classicshelf.in\/products\/deodar-ke-phool","provider":"Classic Shelf","version":"1.0","type":"link"}