{"product_id":"inclusive-education-concepts-strategies-and-applications-inclusive-education","title":"INCLUSIVE EDUCATION: CONCEPTS, STRATEGIES AND APPLICATIONS-INCLUSIVE EDUCATION (समावेशी शिक्षाः अवधारणाएँ, रणनीतियाँ एवं अनुप्रयोग-समावेशी शिक्षा)","description":"\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAbout The Book\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eयह पुस्तक समावेशी शिक्षा एवं विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की शिक्षा के विषय में व्यापक जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से तैयार की गई है। इसमें समावेशी विद्यालय की अवधारणा, सिद्धांत, नीतियाँ, शिक्षण विधियाँ, मूल्यांकन तकनीकें तथा कक्षा प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं का सरल एवं व्यवस्थित वर्णन किया गया है।\u003cbr\u003eपुस्तक में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों जैसे श्रवण बाधित, दृष्टिबाधित, चलन बाधित, अधिगम अक्षमता वाले, बौद्धिक दिव्यांगता वाले तथा प्रतिभाशाली बच्चों की आवश्यकताओं और उनकी शिक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है।\u003cbr\u003eइसके अतिरिक्त, पुस्तक में शिक्षक, अभिभावक, विद्यालय तथा समुदाय की भूमिका, व्यक्तिगत शैक्षिक कार्यक्रम (IEP), पाठ्यक्रम अनुकूलन, सहपाठी शिक्षण, बहु-संवेदी शिक्षण, व्यवहार संशोधन तथा मार्गदर्शन एवं परामर्श जैसी व्यावहारिक विधियों पर विशेष ध्यान दिया गया है।\u003cbr\u003eयह पुस्तक B.Ed., M.Ed., D.El.Ed., विशेष शिक्षा के विद्यार्थियों, शिक्षकों, काउंसलरों, शोधकर्ताओं एवं शैक्षणिक संस्थानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी। इसका उद्देश्य सभी बच्चों के लिए समान, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देना है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003e\u003cstrong\u003eAbout The Author\u003c\/strong\u003e\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eडॉ मेघा मनीष शर्मा, मनोविज्ञान में पीएचडी, गाइडेंस एण्ड काउंसलिंग में डिप्लोमा, एम.एड. एम.ए. मनोविज्ञान और हिंदी साहित्य में किया है शिक्षा के क्षेत्र में 20 वर्षों से अधिक अनुभव, जिसमें विकलांगता क्षेत्र में 6 वर्ष शामिल हैं, इसके साथ डॉ. मेघा मनीष शर्मा मानव व्यवहार में गहरी अंतर्दृष्टि प्रदान करती हैं। 20 प्रकाशित शोध पत्रों और पीएचडी शोधार्थियों के मार्गदर्शन के साथ, उनका कार्य व्यावहारिक अनुभव पर आधारित है। वर्तमान में डॉ एपीजे अब्दुल कलाम यूनिवर्सिटी इंदौर में एसोसिएट प्रोफेसर के पद पर कार्यरत हैं। यह पुस्तक ज्ञान और आत्म-जागरूकता के माध्यम से व्यक्तियों को सशक्त बनाने के उनके महत्व को दर्शाती है।\u003c\/p\u003e\n\u003cp\u003eडॉ. जगदीश चन्द्र शर्मा, राजस्थान के विभिन्न प्रख्यात महाविद्यालयों में 20 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षण एवं प्रशासकीय कार्य किया। विगत आठ वर्षों से इन्दौर में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम विश्वविद्यालय में कार्यरत हैं। राजनीतिक विज्ञानं एवं शिक्षाशास्त्र विषयों का गहन अध्ययन एवं लेखन करते रहे हैं तथा 20 से अधिक शोधपत्रों भी प्रकाशित हो चुके है डॉ. शर्मा ने संकाय विकास कार्यक्रम व राष्ट्रीय संगोष्ठियों का सफल आयोजन किया है ।\u003cbr\u003eडॉ. जगदीश चन्द्र शर्मा प्राचार्य शिक्षा संकाय\u003cbr\u003eM.A. (Hindi, History, Pol Sc) M.Ed. Ph.D. (Education)\u003c\/p\u003e","brand":"Classic Shelf","offers":[{"title":"Default Title","offer_id":68199605928173,"sku":null,"price":297.0,"currency_code":"INR","in_stock":true}],"thumbnail_url":"\/\/cdn.shopify.com\/s\/files\/1\/0765\/3520\/2029\/files\/1shopifyfrontcover_f4acd28e-e963-47da-b5b4-686ed3620dac.jpg?v=1793947592","url":"https:\/\/classicshelf.in\/products\/inclusive-education-concepts-strategies-and-applications-inclusive-education","provider":"Classic Shelf","version":"1.0","type":"link"}