Classic Shelf
बंद दीवारों का अनकहा सच: उपन्यास
बंद दीवारों का अनकहा सच: उपन्यास
Couldn't load pickup availability
About The Book
'बंद दीवारों का अनकहा सच' लेखिका ज्योति मित्रा का एक संवेदनशील और विचारोत्तेजक उपन्यास है। अपनी पहली पुस्तक 'अनुदा' काव्य संकलन की सफलता के बाद, इस उपन्यास में वे पाठकों को समाज और मन की गहरी परतों में ले जाती हैं। यह पुस्तक चार दीवारों के भीतर छिपे अनकहे दर्द, खामोशियों और मानवीय रिश्तों की जटिलताओं को बेहद सूक्ष्मता से उजागर करती है। मनोविज्ञान की पृष्ठभूमि से जुड़ी लेखिका की यह रचना हर उस पाठक के दिल को छू लेगी, जो जीवन के सच्चे और अनकहे पहलुओं को महसूस करना चाहता है।
About The Book
ज्योति मित्रा एक युवा और ऊर्जावान लेखिका हैं,उन्हें कहानियां, कविताएं लिखने की कला से गहरा प्रेम है।साहित्य पढ़ना और लिखना दोनों में बहुत रुचि है।
'बंद दीवारों का अनकहा सच ' उनका पहला उपन्यास है।
'अनुदा ' काव्य संकलन उनकी पहली प्रकाशित पुस्तक है।
वे अपने आस-पास के परिवेश, मानवीय रिश्तों और जीवन की जटिलताओं को बहुत ही सहजता से अपनी रचनाओं में पिरोती हैं।
Share
