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श्रीमद्भगवद्गीता - मैथिली अनुवाद
श्रीमद्भगवद्गीता - मैथिली अनुवाद
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About The Book
मैथिली भाषा में प्रस्तुत "श्रीमद्भगवद्गीता (मैथिली भावार्थ)" भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य उपदेशों का सरल एवं सहज अनुवाद है। इस पुस्तक में गीता के सभी 18 अध्यायों को सामान्य पाठकों की समझ के अनुरूप प्रस्तुत किया गया है। कर्मयोग, भक्तियोग, ज्ञानयोग, आत्मा, परमात्मा तथा जीवन के आध्यात्मिक सिद्धांतों को मातृभाषा मैथिली में पढ़ने और समझने का यह एक उत्कृष्ट अवसर है। यह पुस्तक आध्यात्मिक ज्ञान, आत्मविकास और जीवन-दर्शन की खोज करने वाले प्रत्येक पाठक के लिए उपयोगी एवं प्रेरणादायक है।
About The Author's
ब्रह्मदेव झा मिथिला की समृद्ध सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपरा से जुड़े एक समर्पित शिक्षाविद्, साहित्यप्रेमी एवं समाजसेवी हैं। इनका जन्म विक्रम संवत् २०१७ (2 अगस्त 1960) को मिथिलांचल की पावन धरती पर हुआ। प्रारम्भिक शिक्षा अपने ग्राम के विद्यालय से प्राप्त करने के बाद इन्होंने उच्च शिक्षा पूर्ण की तथा लंबे समय तक शिक्षण कार्य से जुड़े रहे।
शिक्षा के क्षेत्र में लगभग 34 वर्षों तक सेवा देते हुए इन्होंने हजारों विद्यार्थियों के जीवन निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मैथिली भाषा एवं साहित्य के प्रति विशेष अनुराग के कारण इन्होंने अपनी मातृभाषा के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार को जीवन का उद्देश्य बनाया।
आध्यात्मिक चिंतन एवं सनातन वैदिक परंपरा में गहरी आस्था रखने वाले ब्रह्मदेव झा ने नेपाली और हिंदी में उपलब्ध भगवद्गीता के भावार्थ का अध्ययन कर इसे सरल एवं सहज मैथिली भाषा में प्रस्तुत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया है। उनका उद्देश्य मैथिली भाषी पाठकों तक श्रीमद्भगवद्गीता के दिव्य संदेश को उनकी मातृभाषा में पहुँचाना तथा भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्ति, प्रेम और आध्यात्मिक जागरण का प्रसार करना है।
यह पुस्तक उनकी आध्यात्मिक साधना, मातृभाषा-प्रेम और समाज के प्रति समर्पण का सुंदर उदाहरण है।
जय श्रीकृष्ण। जय राधे।
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