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Prakriti Aur Ishwar (प्रकृति और ईश्वर)
Prakriti Aur Ishwar (प्रकृति और ईश्वर)
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About The Book
प्रकृति और ईश्वर पुस्तक के माध्यम से मैंने संसार के सभी प्रमुख धर्मों के मूल दृष्टिकोण को टटोलने का एक छोटा सा प्रयास किया है। इस यात्रा में मैंने यह पाया कि हर धर्म, संस्कृति और मत ने प्रकृति और पर्यावरण को सर्वोपरि स्थान दिया है। गहराई से देखने पर यह सत्य उभर कर सामने आता है कि अंततः सभी धर्मों ने प्रकृति को ही साक्षात ईश्वर का रूप माना है। यह पुस्तक इन्हीं गहरे आध्यात्मिक और पर्यावरणीय विचारों को आपके सामने प्रस्तुत करती है।एक लेखक के रूप में मेरे लिए पाठकों की प्रतिक्रिया सबसे अमूल्य धरोहर है। इस पुस्तक को पढ़ने के बाद आपके मन में जो भी विचार, सुझाव या अनुभूतियाँ जागृत हों, उन्हें आप सीधे मुझसे साझा कर सकते हैं। आप अपने बहुमूल्य विचार मुझे ajitsbhalla5@gmail.com पर ईमेल के माध्यम से भेज सकते हैं। आपके विचारों का मुझे उत्सुकता से इंतजार रहेगा।
About The Author
अजीत सिंह भल्ला ने अपनी लेखनी के माध्यम से पाठकों तक अपने विचारों को पहुंचाया है। उन्होंने विभिन्न धर्मों की अनेक पवित्र पुस्तकों और ग्रंथों का अध्ययन किया, उनके गूढ़ सत्यों को आत्मसात किया और फिर उन महान विचारों को अपने बेहद सरल और आत्मीय शब्दों में पिरोया है। अपनी इसी आध्यात्मिक यात्रा को उन्होंने अपनी पुस्तक 'प्रकृति और ईश्वर' का रूप दिया है, जहाँ धर्म, पर्यावरण और उस अनंत परमात्मा का मिलन एक पवित्र संगम की तरह बहता है। लेखक का दृढ़ विश्वास है कि यदि ईश्वर की साक्षात अनुभूति करनी है, तो हमें प्रकृति की नीरव शरण में लौट जाना होगा, क्योंकि हर हरी पत्ती में उसी परमात्मा का वास है।"Shreshtha Sawant, 9 Years Old.
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