Skip to product information
1 of 1

Classic Shelf

नरसिंह कुटीर (Narsingh Kuteer)

नरसिंह कुटीर (Narsingh Kuteer)

Regular price Rs. 229.00
Regular price Sale price Rs. 229.00
Sale Sold out
Quantity

About The Book

पचमढ़ी की धुंधली वादियों और देवदार के विशाल पेड़ों के बीच खड़ा 'नरसिंह कुटीर' केवल पुरानी याद नहीं, बल्कि औपनिवेशिक राजनीति, रियासती कूटनीति और दबे हुए राज़ों का मौन साक्षी है। यह एक ऐसा पावन चबूतरा है जहाँ इतिहास और प्रेम की धाराएँ आकर एक निशब्द और सुंदर संगम रचती हैं।

पचमढ़ी की वह धुंध जो यात्री का हाथ थामकर दो पल बतियाने का आग्रह करती है, यहाँ आकर जीवन के हर अक्खड़पन को एक धीमे, मर्यादित ठहराव में बदल देती है। यहाँ देवदार की भीनी खुशबू और बारिश के बाद की गीली मिट्टी की सोंधी महक में साँस लेती हुई कूटनीति भी अपनी आक्रामकता छोड़कर बेहद शालीन और सुसंस्कृत हो जाती है।

जीवन के झंझावातों से बचकर अतीत की छाँव में सुकून तलाशने भानवेंद्र जब इस शांत हिल स्टेशन पर पहुँचता है, तो उसका सामना उन चरित्रों से होता है जो समय के थपेड़ों से बेअसर, अपने अधूरे सच और अनकहे अपराधबोध को सँभाले खड़े हैं। सतपुड़ा की सुकून भरी छाँव में खड़े भानवेंद्र और पचमढ़ी को अपना घर मान चुकी लेडी एन का यह साथ शब्दों की सीमा पार कर एक ऐसी यात्रा बन जाता है, जो अतीत से वर्तमान तक आकर कई मौन सत्यों को आवाज़ दे जाता है।

क्या दशकों पुरानी खामोशी के पार जाकर अतीत के उस अनकहे अपराध का न्याय संभव है जिसे इतिहास ने बहुत पहले ही दफ़न मान लिया था?

इतिहास के पन्नों में अपने सुने जाने की बाट जोहती एक ऐसी कहानी, जो सच तो हमेशा से थी, बस अभी तक पन्नों की ओट में छिपी थी।

About The Author

अनिमेष अनंत स्वतंत्र लेखक और उपन्यासकार हैं। मानवीय मनोविज्ञान की परतों को खोलना, रहस्यों को बुनना और जटिल कथा-संरचना तैयार करना उनकी लेखनी की मुख्य विशेषता है। ‘नरसिंह कुटीर’ से पूर्व उनकी पाँच खंडीय औपन्यासिक कृति 'वज़ीर', और 'संदेश: उपन्यास एवं कहानी संग्रह' प्रकाशित हो चुकी है।

View full details